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पीएमओ अब सेवा तीर्थ

पीएमओ अब ‘सेवा तीर्थ’: ‘नागरिकदेवो भव’ के मंत्र से लोकतंत्र होगा और अधिक मजबूत – ढालेश साहू*

 

by–yousif.khan.

 

दुर्ग // 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पीएमओ को “सेवा तीर्थ” परिसर में स्थानांतरित किए जाने तथा ‘नागरिकदेवो भव’ की भावना को प्रमुखता दिए जाने को जनसेवा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए जनपद सदस्य ढालेश साहू ने इस पहल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल भवन परिवर्तन नहीं, बल्कि शासन की कार्यसंस्कृति में नागरिक को केंद्र में स्थापित करने का स्पष्ट संदेश है।

 

*ढालेश साहू ने कहा कि* लोकतंत्र में जनता ही वास्तविक शक्ति है और “नागरिकदेवो भव” का आदर्श इस सत्य को व्यवहार में उतारने का प्रयास है। जब प्रधानमंत्री कार्यालय स्वयं को सेवा तीर्थ के रूप में प्रस्तुत करता है, तो यह पूरे प्रशासनिक तंत्र को नागरिकों के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह बनने की प्रेरणा देता है।

 

उन्होंने बताया कि जनहित से जुड़े अनेक मामलों में उन्होंने पीएमओ को पत्र प्रेषित किए, जिनमें से कई प्रकरणों का संतोषजनक निराकरण हुआ।इससे यह विश्वास मजबूत होता है कि यदि विषय तथ्यपूर्ण ढंग से उठाए जाएं तो उच्च स्तर पर भी प्रभावी कार्रवाई संभव है। “सेवा तीर्थ” की अवधारणा नागरिकों को यह भरोसा देती है कि उनकी आवाज़ अनसुनी नहीं रहेगी।

 

*उन्होंने कहा कि* वे इस पहल का स्वागत करते हुए आगे भी किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “सेवा तीर्थ – नागरिकदेवो भव” की भावना लोकतंत्र को और अधिक सशक्त तथा जनोन्मुख बनाएगी।

 

*ढालेश साहू ने राज्य सरकारों से निवेदन किया है कि* “जिस प्रकार प्रधानमंत्री जी ने PMO को ‘सेवा तीर्थ’ बनाया है, उसी प्रकार राज्य सरकारों को भी अपने CMO को ‘जन-सेवा धाम’ के रूप में विकसित करना चाहिए ताकि ‘नागरिकदेवो भव’ का संकल्प पंचायत स्तर तक पहुँच सके ।

News CG 24 GK

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