छ ग. वक्फ बोर्ड की मुस्लिम समाज से बड़ी अपील – बकराईद पर खुले में नहीं होगी कुर्बानी सभी की आस्था का रखें ख्याल — डा. सलीम राज
सह संपादक - एम डी युसुफ खान अंडा - दुर्ग Ⓜ️ 9179799491

रायपुर // ईद-उल-अज़हा पर्व से पहले छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समाज से सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा है कि खुले क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर कुरबानी न करें तथा सभी समाज की धार्मिक भावनाओं और आस्था का विशेष ध्यान रखें।
डॉ. सलीम राज ने बताया कि आगामी 28 मई 2026, गुरुवार को पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में ईद-उल-अज़हा का त्योहार मनाया जाएगा। प्रदेशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 6 बजे से 11 बजे तक निर्धारित समय के अनुसार ईद की नमाज अदा की जाएगी और लोग एक-दूसरे को मुबारकबाद देंगे।सलीम राज ने कहा कि ईद-उल-अज़हा का त्योहार हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की याद में मनाया जाता है। इस दौरान 28 मई के सूर्योदय से 30 मई के सूर्यास्त तक साहिबे निसाब मुस्लिमों द्वारा कुरबानी की जाती है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म हमेशा अमन, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान का संदेश देता है। पैगंबर साहब ने भी यह शिक्षा दी है कि जिस देश में हम रहते हैं, वहां के संविधान और समाज की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। कुरआन और हदीस भी मोहब्बत, आपसी सद्भाव और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की सीख देते हैं।करते हैं या उसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देते हैं, जिससे अन्य समाज के लोगों की भावनाएं आहत होती हैं और सामाजिक वातावरण प्रभावित होता है। इसे देखते हुए मुस्लिम समाज से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।



