मछली पालन में मुनाफे की भूख ने ली बुजुर्ग की जान: बालोद के खरखरा जलाशय में बिना लाइफ जैकेट उतारा, डूबने से मौत
सह संपादक एम डी युसुफ खान अंडा दुर्ग Ⓜ️ 9179799491

बालोद । के खरखरा जलाशय में केज कल्चर (मछली पालन) के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण एक बुजुर्ग मजदूर की डूबने से हुई मौत बेहद दुखद घटना है।
यह हादसा सीधे तौर पर केज संचालकों और ठेकेदारों की उस लापरवाही को उजागर करता है, जहां मुनाफे के आगे गरीब मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं समझी जाती।
65 वर्ष की उम्र में किसी श्रमिक को बिना किसी लाइफ-सपोर्ट सिस्टम के गहरे जलाशय के बीचों-बीच काम पर भेजना मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत संवेदनहीन है।
जिले के सभी जलाशयों (जैसे खरखरा, तांदुला आदि) में चल रहे केज कल्चर प्रोजेक्ट्स का तत्काल सेफ्टी ऑडिट हो। लापरवाही बरतने वाले केज संचालकों के ठेके और लाइसेंस तुरंत ब्लैकलिस्ट किए जाएं।
इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक निगरानी और ठेकेदारों पर कड़े कानूनी कार्रवाई की सख्त जरूरत है।