कृषक उन्नति योजना से बालोद के किसान महमूद हसन ने नैनो उर्वरक से सफ़लता की लिखी नई इबारत
खास बातें कम लागत, अधिक मुनाफा नैनो उर्वरक के वैज्ञानिक उपयोग से फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता में शानदार बढ़ोतरी।

आर्थिक संबल: ‘कृषक उन्नति योजना’ से मिली राशि से पूरा हो रहा है खुद के पक्के घर का सपना।
सफलता का मंत्र: पारंपरिक खादों को छोड़कर आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को अपनाया।
बालोद, 05 जून 2026
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में खेती-किसानी के क्षेत्र से एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम फिरतुटोला के प्रगतिशील किसान महमुद हसन अंसारी ने आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं के दम पर सफलता की एक नई इबारत लिखी है। पारंपरिक खेती के ढर्रे को बदलकर नैनो उर्वरक (Nano Fertilizer) को अपनाने वाले महमुद हसन अब न सिर्फ बंपर पैदावार ले रहे हैं, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर चुके हैं।
वैज्ञानिक पद्धति और नैनो उर्वरक का जादू
लगभग 7 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले महमुद हसन खरीफ में धान और रबी सीजन में मुख्य रूप से चना व गेहूं की फसल लेते हैं। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में अपने खेतों में नैनो उर्वरक का छिड़काव किया।
अपने अनुभवों को साझा करते हुए महमुद बताते हैं:
“नैनो खाद का परिणाम बेहद चमत्कारी रहा है। इसके उपयोग से फसलों की गुणवत्ता तो सुधरी ही है, साथ ही प्रति एकड़ उत्पादन में भी बेहतरीन रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। अब कम लागत में बेहतर और पौष्टिक फसल मिल रही है।”
उन्होंने जिले के अन्य साथी किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक रासायनिक खादों पर अपनी निर्भरता कम करें और नैनो उर्वरक जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाएं।
नैनो उर्वरक अपनाने के मुख्य फायदे:
लागत में कमी: पारंपरिक बोरियों वाले खाद के मुकाबले नैनो खाद परिवहन और छिड़काव में सस्ती और सुलभ है।
फसल की उच्च गुणवत्ता: अनाज के दानों की चमक, आकार और पौष्टिकता में सुधार।
पर्यावरण और भूमि की सुरक्षा: मिट्टी की ऊर्वरा शक्ति बनी रहती है और प्रदूषण कम होता है।
अधिक उत्पादन: प्रति एकड़ फसल की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी।
‘कृषक उन्नति योजना’ से मिला आर्थिक संबल, संवर रहा है आशियाना
महमुद हसन की इस सफलता में छत्तीसगढ़ शासन की ‘कृषक उन्नति योजना’ ने ‘संजीवनी’ का काम किया है। योजना की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि धान का बढ़ा हुआ मूल्य मिलने से उनके जैसे हजारों किसानों की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
इस योजना के तहत मिली अतिरिक्त बोनस और लाभ की राशि का उपयोग महमुद हसन न केवल अपनी खेती को और आधुनिक बनाने में कर रहे हैं, बल्कि बरसों पुराना अपना खुद का पक्का मकान बनाने का सपना भी इसी पैसे से पूरा कर रहे हैं।
शासन और प्रशासन का जताया आभार
सहकारी समिति रेंगाडबरी से समय पर उन्नत बीज और खाद प्राप्त करने वाले महमुद हसन ने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहर्ष आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की किसान-हितैषी नीतियों के कारण ही आज खेती घाटे का सौदा न रहकर एक बेहद लाभकारी व्यवसाय बन चुकी है।



