विजयादशमी का पर्व अपने अंदर रावण रूपी अहंकार को त्याग कर ,मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम जी के आदर्श बनने की प्रेरणा देती है — भुनेश्वर
देऊरझाल में पिछले 53 वर्षों से गांव के रामलीला मंडली के द्वारा दशहरा उत्सव का कार्यक्रम आयोजन करते आ रही है।

पाटन। ग्राम पंचायत पतोरा के आश्रित ग्राम देऊरझाल में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ग्रामवासियों ने पारंपरिक ढंग से दशहरा उत्सव मनाते हुए भगवान श्रीराम की शोभायात्रा के माध्यम से गांव का भ्रमण किए
शाम को रावण दहन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध की प्रतीकात्मक झांकी ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। रावण दहन के साथ ही आसमान में आतिशबाजियों ने रंग बिखेर दिए और पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा , लीला मंडली में राम एवं लक्ष्मण की भूमिका में मनोज टंडन ,सूर्या टंडन इसके अलावा रावण का पाठ फ़नेश साहू की प्रस्तुती बहुत शानदार रही।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि ग्राम पंचायत पतोरा के सरपंच श्री भुनेश्वर साहू विशेष अतिथि श्रीमती चंद्रिका चित्रसेन कलिहारी जनपद सदस्य के प्रतिनिधि एवं पंच चित्रसेन कलिहारी, कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकार एवं समाजसेवी श्री दिलीप कुर्रे , विशिष्ट अतिथिगण हेमू साहू ,रूपेश कोसरे , महेश्वरी विजय कुर्रे ग्राम पंचायत पतोरा के पंच थे।
मुख्यातिथि सरपंच भुनेश्वर साहू ने कहा कि विजयादशमी का आयोजन यह पर्व अपने अंदर रावण रूपी अहंकार को त्याग कर ,मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम जी के गुणों को हमारे जीवन में भी आदर्श बनने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर भुनेश्वर साहू, चित्रसेन कलिहारी , हेमू साहू , विजय कुर्रे , राजेंद्र बारले , रविशंकर महाविद्यालय रायपुर के प्रोफेसर डॉ.मनमोहन टंडन , यशवंत कुर्रे , खिलेंद्र कुर्रे , दूजेराम , रामेश्वर , चतुरलाल , शिव प्रसाद , फ़नेश साहू , सहित अन्य गणमान्य नागरिक, महिला, युवक बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।



