शहीद उमेश को अंतिम विदाई देने उमड़ा पूरा गांव, नम आंखों से लगाए अमर रहे के नारे,
शहीद उमेश को अंतिम विदाई देने उमड़ा पूरा गांव, नम आंखों से लगाए अमर रहे के नारे,


उतई। भारतीय थल सेना के 19 महार रेजिमेंट में लांस हवलदार उमेश साहू लेह लद्दाख में भारत देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गये। सेना के विशेष विमान से रायपुर लाया गया और सेना के विशेष वाहन से शहीद उमेश साहू के पार्थिव शरीर को दुर्ग के पं रविशंकर स्टेडियम से सुराना कॉलेज के एनसीसी यूनिट, शौर्य युवा संगठन कोड़िया एवं ग्रामीण युवाओं ने भारी संख्या में बाइक से अगुवाई करते हुए 10 किमी की शहादत यात्रा बोरसी, हनोदा होते हुए गांव के सभी मोहल्ले से निकलकर निज निवास पहुंची। परिजनों एवं जनप्रतिनिधियों के अंतिम दर्शन के बाद राजकीय सम्मान एवं धार्मिक रीतिरिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

सेना के जवानों एवं अधिकारियों ने रिट सेरेमनी के माध्यम से शहीद उमेश साहू को सैनिक सम्मान देकर सलामी दी। साथ ही पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव, कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी जितेंद्र शुक्ला, एसडीएम हरवंश सिंह मिरी, सहायक कलेक्टर एम भार्गव, सैनिक कल्याण बोर्ड के कैप्टन प्रवीण धोबाले, छग आर्मी फाउंडेशन के पदाधिकारी, दुर्ग जनपद अध्यक्ष देवेंद्र यादव, जिला पंचायत कृषि सभापति योगिता चंद्राकर, जनपद कृषि सभापति राकेश हिरवानी, केशव बंटी हरमुख, उतई थाना प्रभारी, गायत्री परिवार भिलाई उपजोन से धीरज लाल टांक, एसपी सिंह, स्कूल स्टॉफ, नेहरू युवा केन्द्र से सम्बद्ध विभिन्न गांवों के युवा मंडल, साहू समाज सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रध्दांजलि अर्पित की।
शौर्य युवा संगठन सचिव आदित्य भारद्वाज ने बताया शहीद उमेश साहू आर्मी में जाने वाला गांव का पहला युवा था और देश की रक्षा में प्राणों का बलिदान करने वाला गांव का पहला शहीद भी है इसीलिए पूरे गांव में दो दिनों से शोक की लहर व्याप्त थी। उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए गांव का एक भी व्यक्ति बाहर काम में नहीं गया था। पूरे गाँव के साथ आसपास के गांव से हजारों की संख्या में ग्रामीणों नम आंखों से श्रध्दांजलि दी। गायत्री परिवार द्वारा पौधरोपण भी किया गया।
शौर्य युवा संगठन अध्यक्ष फलेंद्र पटेल ने स्थानीय विधायक एवं उपस्थित जिला प्रशासन के माध्यम संगठन एवं ग्रामीणों की ओर से प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने शहीद उमेश साहू की पत्नी योगेश्वरी साहू को अतिशीघ्र अनुकम्पा नियुक्ति, दोनों बच्चों को केंद्रीय विद्यालय में निःशुल्क प्रवेश एवं ग्राम में निर्माणाधीन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नाम शहीद उमेश साहू के नाम पर करने की मांग की है।
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा शहीद उमेश साहू का सिर्फ परिवार ही नहीं पूरे देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। विधायक ने कहा राज्य और केंद्र सरकार की ओर से यथासंभव सहयोग करेंगे एवं ग्रामीणों के प्रतिवेदन को प्रमुखता से लेते हुए जल्द ही पूरा करने का आश्वासन भी दिया।
दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव ने घटना को दुखद बताते हुए कहा जवान बेटे का कंधा उठाना बुजुर्ग पिता के लिए अत्यंत दुखद होता है लेकिन उन्हें गर्व भी है कि उनका बेटा देश की सेवा करते हुए अलविदा कहा।
पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा शहीद उमेश साहू के अंतिम दर्शन के उमड़ी भीड़ इस बात का द्योधक है कि अभी भी लोगों में देशप्रेम की भावना जागृत है और इसी भावना के कारण उमेश साहू ने भी अपना प्राण देशभक्ति में न्यौछावर कर दिया। इनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा ये हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।



