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दो सरपंचों पर अविश्वास प्रस्ताव पर रोक

दो सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव क्रियान्वयन पर लगी रोक – फिलहाल अपने पद पर बने रहेंगे

 

सह संपादक -एम डी युसुफ खान Ⓜ️9179799491

 

 

बालोद // जिले में पंचायत राजनीति से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है।जहां अपर कलेक्टर बालोद ने दो ग्राम पंचायत के सरपंचों के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के क्रियान्वयन पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ पंचायत राज्य अधिनियम एवं सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत दिया गया है।

 

ग्राम पंचायत संबलपुर की सरपंच श्रीमती रेणु गायकवाड़ ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर 15 अप्रैल 2026 को बुलाए गए अविश्वास प्रस्ताव को चुनौती दी थी।

 

वकील का तर्क

 

प्रस्ताव निर्धारित अवधि के बाद लाया गया।

अधिकांश पंचों से बिना जानकारी के हस्ताक्षर कराए गए।

पूरी प्रक्रिया संवैधानिक तरीके से पुरी की गई।

 

  भोईनापार सरपंच को भी मिली राहत 

 

इसी प्रकार ग्राम पंचायत भोइनापार की सरपंच श्रीमती श्यामाबाई मारकंडे ने भी अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ आवेदन प्रस्तुत किया था।

उनके वकील ने तर्क दिया कि उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया।

पंचों द्वारा व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थवश प्रस्ताव लाया गया ।

आरोप निराधार और प्रक्रिया के विरुद्ध है।

इस पर सुनवाई के बाद अपर कलेक्टर ने न्याय हित और संतुलन को ध्यान में रखते हुए अविश्वास प्रस्ताव के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।

 

दोनों मामलों में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 21( नियम में4व 8) सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश पारित किया गया है।

इस आदेश के बाद दोनों सरपंच अपने पद पर फिलहाल बनी रहेगी ।अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय आने तक कोई कार्य वाही नहीं होगी।

 

अब आगे क्या

इन मामलों में अंतिम सुनवाई और विस्तृत निर्णय का इंतजार रहेगा। जिससे यह तय होगा कि अविश्वास प्रस्ताव है या नहीं इस फैसले को पंचायत स्तर पर न्यायिक हस्ताक्षेप का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

जिसमें फिरहाल दोनों जनप्रतिनिधियों को फिरहाल बड़ी राहत दी है।

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