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एलपीजी गैस संकट

एलपीजी संकट का असर अब दूध उत्पादक किसानों पर भी

पनीर, घी, छाछ व मिठाई निर्माण प्रभावित; मांग घटने से दूध के दाम गिरे*

 

रिपोर्ट – एम डी युसुफ खान

अंडा // दुर्ग //

जिले सहित प्रदेश-देशभर में एलपीजी गैस की कमी का असर अब सीधे तौर पर दूध उत्पादक किसानों पर दिखाई देने लगा है। दूध से बनने वाले प्रमुख उत्पाद जैसे पनीर, घी, छाछ और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के निर्माण में गैस का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में गैस की उपलब्धता प्रभावित होने से इन उत्पादों का उत्पादन भी घट गया है।

जानकारों के अनुसार, होटल, डेयरी और मिठाई व्यवसाय से जुड़े लोगों द्वारा गैस की कमी के चलते उत्पादन कम कर दिया गया है, जिससे दूध की मांग में गिरावट आई है। परिणामस्वरूप बाजार में दूध की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा नुकसान ग्रामीण क्षेत्रों के दूध उत्पादक किसानों को उठाना पड़ रहा है।

दूध व्यवसाय से जुड़े किसानों का कहना है कि पहले जहां दूध की नियमित खपत होती थी, वहीं अब गैस संकट के कारण खरीदारों की संख्या कम हो गई है। इससे उनकी आय पर गंभीर प्रभाव पड़ा है और आर्थिक संकट गहराने लगा है।

*इस संबंध में किसान नेता ढालेश साहू ने कहा कि* एलपीजी जैसी मूलभूत सुविधा की कमी का असर अब कृषि और पशुपालन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ना चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द एलपीजी आपूर्ति को सुचारु किया जाए, ताकि दूध उत्पादकों और छोटे व्यवसायियों को राहत मिल सके।

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