Breaking
पाटन नगर पंचायत का गौठान बना गौसेवा की मिसाल, 390 से अधिक गोवंश की हो रही नियमित देखभालपाटन नगर पंचायत का गौठान बना गौसेवा की मिसाल, 390 से अधिक गोवंश की हो रही नियमित देखभालशास. प्राथ. शाला शक्तिनगर में बच्चों ने मनाया पोला उत्सव बैलों की पूजाकर छत्तीसगढ़ी व्यंजन का भोग लगाया संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर निकलेगी “समरसता संकल्प अभियान यात्रा”चार हजार करोड़ बजट के बावजूद गरीब परिवार पीएम आवास के इंतजार में जिलास्तरीय नेशनल योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में ट्रेडिशनल योगा में मयंक प्रथम स्थान पर शिक्षक दिवस के अवसर पर पतोरा में गुरु सम्मान समारोह का आयोजन 44 सेवानिवृत्त शिक्षकों का किया गया सम्मान भिलाई स्टील प्लांट से 100 किलो कॉपर केबल चोरी, 5 आरोपी गिरफ्तारकोकड़ी में नवीन आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घाटन, समारोह में मुख्य अतिथि शामील हुए दुर्ग ग्रामीण विधायक — ललित चंद्राकर संतान की सुख-समृद्धि और दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा व्रत, विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना

विहान दीदीयों ने स्वतलबन का धागा रक्षाबंधन

रक्षाबंधन पर बिहान की दीदियों ने थामा स्वावलंबन का धागा

स्थानीय सामग्री से तैयार आकर्षक राखियों की बाजार में भारी मांग

 

रायपुर। 21 अगस्त 2026 

रायपुर। रक्षाबंधन पर्व बिहान से जुड़ी ग्रामीण दीदियों के लिए भाई-बहन के स्नेह के साथ स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर भी लेकर आया है। गरियाबंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय एवं पारंपरिक सामग्री से आकर्षक राखियों का निर्माण कर रही हैं। राखियों के विक्रय से महिलाओं को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है और वे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मैनपुर विकासखंड में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा राखी निर्माण एवं विक्रय की गतिविधि संचालित कर रही है। समूह द्वारा 5 हजार 340 रुपये की लागत से राखियां तैयार कर अब तक 11 हजार 258 रुपये की बिक्री कर चुकी है।

इसी प्रकार विकासखंड गरियाबंद में संजीवनी संकुल संगठन जोबा से संबद्ध गायत्री स्व-सहायता समूह सढ़ौली की चार महिला सदस्य विभिन्न प्रकार की आकर्षक राखियों का निर्माण कर रही हैं। समूह द्वारा धान चावल, मूंगा, मटर, झरगा, सेमी, अरहर सहित अन्य स्थानीय सामग्री से राखियों की विभिन्न वैरायटी तैयार की गई है। इन राखियों की कीमत 5 रुपये से 60 रुपये तक निर्धारित की गई है। विकासखंड छुरा के ग्राम जामली स्थित जय भवानी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भी बांस से निर्मित राखियों को बाजार तक पहुंचाने की पहल की है। समूह की महिलाओं द्वारा पूर्व वर्षों में भी राखियों का निर्माण किया गया था।

वर्ष 2026 में इस गतिविधि को बढ़ाते हुए वर्तमान में लगभग 1 हजार राखियों का स्टॉक तैयार किया गया है, जिन्हें रक्षाबंधन पर्व पर विक्रय किया जाएगा। विकासखंड फिंगेश्वर के ग्राम पंचायत रोहिना अंतर्गत जय मां घटारानी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती कोयल साहू, विजय विकास महिला संकुल संगठन कौंदकेरा से जुड़कर आकर्षक एवं गुणवत्तापूर्ण राखियों का निर्माण कर रही हैं। उन्होंने इस वर्ष लगभग 5 हजार राखियां तैयार की हैं। इनमें 5 रुपये से 40 रुपये तक की विभिन्न डिजाइनों वाली राखियां शामिल हैं। समूह द्वारा 10 हजार रुपये की लागत से राखियां तैयार कर अब तक 12 हजार रुपये की बिक्री दर्ज की गई है। वर्तमान में लगभग 4 हजार राखियां उपलब्ध हैं, जिनके विक्रय से अनुमानित रूप से 16 हजार रुपये तक लाभ अर्जित कर सकते है।

जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित राखियों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी जनपद पंचायतों में केनोपी के माध्यम से राखी विक्रय स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों को आकर्षक एवं हस्तनिर्मित राखियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही महिला समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है इसी क्रम में जिला प्रशासन गरियाबंद द्वारा आकांक्षा हाट के माध्यम से राखी विक्रय के लिए विशेष स्टॉल लगाया जा रहा है।

News CG 24 GK

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *