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दुरस्त गांवों में बेकिंग पहुंचाकर बदलाव ला रही

दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाकर बदलाव ला रही हैं रिंगो कश्यप

 

रायपुर, 05 अप्रैल 2026 कोंडागांव।  जिले के मर्दापाल तहसील के अंतर्गत अंतिम छोर पर स्थित सुदूर ग्राम कुधुर, जो कभी माओवाद के प्रभाव के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर था, आज परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है। जहां कभी ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की राशि निकालने के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर मर्दापाल के बैंक तक जाना पड़ता था, वहीं अब गांव में ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

 

यह परिवर्तन संभव हुआ है राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल और बीसी सखी के रूप में कार्यरत श्रीमती रिंगो कश्यप के प्रयासों से। ग्राम पंचायत कुधुर के गुमियापाल पारा की निवासी रिंगो कश्यप न केवल कुधुर, बल्कि तुमड़ीवाल और टेकापाल के ग्रामीणों को भी घर-घर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

 

रिंगो कश्यप ने वर्ष 2020 में “मां पार्वती स्व सहायता समूह” से जुड़कर अपनी यात्रा शुरू की। इसके बाद वर्ष 2024 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने बीसी सखी के रूप में कार्य प्रारंभ किया। आज उनके माध्यम से ग्रामीणों को महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं की राशि गांव में ही आसानी से प्राप्त हो रही है। इसके साथ ही बिजली बिल भुगतान और अन्य वित्तीय लेनदेन भी सरल हो गए हैं।

 

अब तक रिंगो कश्यप द्वारा 355 से अधिक सफल लेनदेन किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि 6 लाख 75 हजार रुपये से अधिक है। इस कार्य ने न केवल ग्रामीणों की समस्याओं को कम किया है, बल्कि रिंगो कश्यप के लिए भी स्व-रोजगार का सशक्त माध्यम बना है।

 

उन्होंने स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर एक छोटा किराना दुकान भी शुरू किया है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की आय हो रही है, और भविष्य में वे अपने व्यवसाय को और विस्तार देना चाहती हैं।

 

रिंगो कश्यप जैसी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को नई दिशा मिल रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि समाज में अपनी एक नई पहचान भी स्थापित कर रही हैं।

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