जंजगिरी में बरसों पुराने बने जर्जर डैम के संवर्धन की ग्रामीण कर रहे मांग क्षेत्रिय विधायक से लगाई गुहार

रिपोर्ट – एम डी युसुफ खान
अंडा // जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत ग्राम पंचायत जंजगिरी में स्थित लगभग 35 ,40 वर्ष पुराना डैम अपनी जर्जर स्थिति के कारण आसपास के ग्रामीण और किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है । यह मूल रूप से आसपास के खेतों की सिंचाई और जल व्यवस्था के लिए बनाया गया था। लेकिन अब इसकी चारदीवारी और बांध के सीमेंट में दरारें आ गई हैं। साथ ही किनारो से सीमेंट निकलने के कारण नींव के पत्थर ढह गए हैं। जिससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। और बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि डैम की खराब स्थिति के कारण इसमें पर्याप्त पानी का भराव नहीं हो पा रहा है। जनप्रतिनिधि नरेंद्र देशमुख ने बताया कि पूर्व में यह डैम जंजगिरी, चिरपोटी, रिसामा, समेत चार-पांच गांव के किसानों को लगभग दो हजार से पांच हजार हेक्टेयर रकबे की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराता था। वर्तमान में पानी की कमी से खेती और निस्तारी दोनों प्रभावित हो रही है। पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने पंच नरेंद्र देशमुख ,परशुराम ठाकुर रघुवर देशमुख हेमंत देशमुख, सहित ग्रामीणों में अशीष देशमुख, यामिनी देशमुख, पिंटू साहू, इंद्र कुमार ने सरकार से डैम की चार दीवारी के सीमेंटी करण और संवर्धन की मांग की है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक दुर्ग जिला ग्रामीण ललित चंद्राकर से भी उम्मीद जताई है कि वह इस दिशा में ध्यान देंगे क्योंकि पूर्ववती सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया था।