डिजिटल ठगी गिरोह गुंडरदेही,- क्षेत्र के सरपंच, सचिवों को अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल किया जा रहा है

रिपोर्ट – एम डी युसुफ खान
अंडा // गुंडरदेही
गुंडरदेही क्षेत्र में इन दिनों सरपंचों और सचिवों को निशाना बनाकर साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है। कई गांव के सरपंच और सचिवों को अज्ञात नंबरों से कॉल कर अश्लील वीडियो देखने के झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही है। ठग खुद को अधिकारी बात कर सस्पेंड करने की धमकी दे रहे हैं। जिससे कई लोग डर के कारण मानसिक दबाव में आ रहे हैं।
डिजीटल अरेस्ट के नाम पर डर फैलाया जा रहा है
कॉल करने वाले ठग खुद को पुलिस का प्रशासनिक अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखा रहे हैं। खासकर बुजुर्ग या कम तकनीकी जानकारी रखने वाले सचिव और सरपंच इनके झांसे में आने लगे हैं। जिससे क्षेत्र में डर का माहौल बन गया है।
टूकालर में अधिकारियों का नाम दिख रहा है
इस फ्राड कॉल का तरीका बेहद चालाकी भरा है। ट्रूकॉलर में कॉल करने वाले नंबरों पर सी ईओ बालोद या संतोष टी आई जैसे नाम दिखाई दे रहे हैं। जिससे कॉल असली लगता है। कुछ मामलों में किसी व्यक्ति की फोटो भी प्रोफाइल में लगी होती है ।जिससे लोगों का विश्वास हो जाता है कि काल किसी अधिकारी का ही है।
अश्लील वीडियो के नाम पर
ब्लैकमेल
ठग कॉल कर कहते हैं कि आपका अश्लील वीडियो या फोटो हमारे पास है। और यदि तुरंत पैसे नहीं दिए गए तो वीडियो वायरल करने या निलंबन की कार्यवाही करने की धमकी दी जाती है ।इस तरह लोगों को डराकर पैसा ऐंठने की कोशिश की जा रही है।
कई सरपंच – सचिव डर और दहशत में
लगातार आ रहे ऐसे काल से गुंडरदेही क्षेत्र के कई सरपंच और सचिव डर गए हैं ।कुछ लोग इस डर में है कि कहीं उनके खिलाफ कोई कार्यवाही न हो जाए जबकि यह पूरी तरह फर्जी और ठगी का मामला है।
क्या करें इस परिस्थिति में
विशेषज्ञों और पुलिस के अनुसार
ऐसे किसी भी कॉल पर घबराएं नहीं किसी भी प्रकार की रकम या निजी जानकारी साझा न करें।
नंबर को तुरंत ब्लॉक करें नजदीकी थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करायें।
किसी भी अधिकारी के नाम से आए कॉल कर आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहने की जरूरत
इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही है ऐसे में प्रशासन और पुलिस को इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर जांच और कार्यवाही करनी चाहिए। ताकि समय रहते इस साइबर ठग गिरोह पर लगाम लगाई जा सके।
क्या समय रहते इस सायबर ठगी गिरोह पर कार्रवाई होगी या
इसी तरह डर और ब्लैकमेल का खेल चलता रहेगा।



