चिखलाकसा छात्रावास में बच्चों से मारपीट,गला दबाने का आरोप एक बच्चे के भागने से खुला पूरा मामला

रिपोर्ट – एम डी युसुफ खान
दुर्ग // बालोद //
बालोद जिले के नगर पंचायत चिखलाकशा स्थित प्री मैट्रिक छात्रावास से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां अधीक्षक पर बच्चों के साथ मारपीट, गला दबाने और अश्लील गालियां देने के आरोप लगे हैं।घटना के मामले सामने आने के बाद न केवल प्रशासन हरकत में आया है ।बल्कि पूरे सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
छात्रावास में रह रहे बच्चों ने आरोप लगाया है कि अधीक्षक शुभम साखरे उन्हें आए दिन मारते पीटते हैं गला दबाते हैं और गंदी गालियां देते हैं। लगातार दुर्व्यवहार के कारण बच्चे डरे सहमे हुए थे ।और छात्रावास का माहौल पूरी तरह भयभीत हो चुका था।
मामले का सबसे चमकने वाला पहलू यह है कि एक बच्चे का गला दबाने की घटना के बाद वह डर के कारण छात्रावास से भाग गया इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ बताया जा रहा है कि बच्चा 2 दिनों तक लापता रहा जिससे अन्य बच्चे भी दहशत में थे।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष से अधीक्षक ने की बदसलूकी
मामले की जानकारी मिलते ही जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत वाला बोकडे मौके पर पहुंचे और बच्चों से बातचीत कर सच्चाई जानने की कोशिश की इस दौरान आरोप है कि अधीक्षक ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार करते हुए गाली गलौज की और आक्रामक रवैया अपनाया ।
विडियो वायरल होने से बना दबाव
घटना का विडियो भी सामने आया है जिसमें अधीक्षक को आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए देखा और सुना जा सकता है। विडियो वायरल होने के बाद मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।
और प्रशासन पर कार्यवाही का दबाव बढ़ गया।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
मामले की सूचना मिलते हैं कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त को मौके पर भेजा गया जहां टीम ने छात्रावास पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने लिया हिरासत में
घटना की सूचना दल्ली राजहरा थाने को दी गई।जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी अधीक्षक शुभम साखरे को हिरासत में लेकर थाने ले गई। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक छात्रावास पहुंच गए और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। अभिभावकों ने दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष का बयान
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत बोकाडे ने कहा कि अधीक्षक द्वारा बच्चों को प्रताड़ित किया जा रहा था गाली गलौज के जा रही थी एक बच्चा दो दिन तक लापता रहे यह पूरी तरह सिस्टम के लापरवाही का परिणाम है हमने कलेक्टर और सहायक आयुक्त से अधीक्षक को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। यह घटना मां केवल एक व्यक्ति की गलती को उजागर कर करती है बल्कि पूरे सिस्टम की निगरानी और जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है जहां बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए वहीं अगर छात्रावास ही डर का केंद्र बन जाए तो या बेहद गंभीर चिंता का विषय है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या करता है।