DBT व्यवस्था में बैंकिंग लापरवाही से हितग्राही परेशान — RBI, PMO और CMO को भेजी शिकायत : ढालेश साहू*
पेंशन, आवास, छात्रवृत्ति योजनाओं में विलंब पर राज्यव्यापी समीक्षा की मांग*

वरिष्ठ पत्रकार – युसूफ खान
अंडा // दुर्ग //
ढालेश साहू ने छत्तीसगढ़ में Direct Benefit Transfer (DBT) आधारित योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंकिंग स्तर पर हो रही लापरवाही, सेवा-कमी एवं असंवेदनशील व्यवहार को लेकर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मुख्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तथा मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को औपचारिक शिकायत प्रेषित की है। शिकायत की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर बालोद को भी भेजी गई है।
साहू ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाएँ — जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, जनधन, श्रमिक सहायता एवं अन्य योजनाएँ — DBT प्रणाली के माध्यम से सीधे बैंक खातों में अंतरित की जाती हैं। किंतु बैंक शाखाओं में स्टाफ की कमी, तकनीकी बाधाएँ, “सिस्टम डाउन” का हवाला, KYC अपडेट में अनावश्यक देरी तथा शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के अभाव के कारण हितग्राहियों को समय पर राशि प्राप्त नहीं हो पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में स्वीकृत राशि बैंक स्तर पर लंबित रखी जाती है, जिससे गरीब, किसान, मजदूर, वरिष्ठ नागरिक एवं विद्यार्थियों को आर्थिक संकट झेलना पड़ता है। बैंक कर्मियों के असहयोगपूर्ण व्यवहार और पारदर्शिता की कमी भी गंभीर चिंता का विषय है।
ढालेश साहू ने अपने ज्ञापन में राज्य में संचालित सभी बैंकों की DBT कार्यप्रणाली की विशेष समीक्षा कराने, ग्राहक सेवा गुणवत्ता का मूल्यांकन करने तथा RBI के ग्राहक संरक्षण दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में आगे की रणनीति तय की जाएगी।


साहू ने उम्मीद जताई कि RBI, PMO और CMO स्तर से हस्तक्षेप होने पर DBT प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा, जिससे वास्तविक हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके।