किसान डीएपी खाद की कमी से परेशान, कलेक्ट्रेट पहुंच सुनाई व्यथा

दुर्ग। दुर्ग जिला के किसान प्री मानसून बारिश होने से खरीफ फसल की तैयारी में जुट गए हैं। बीज की व्यवस्था के साथ ही खाद भंडारण करने ऋणी कृषक कृषि समितियों में तथा गैर ऋणी कृषक खुले बाजार से उठाव कर रहे हैं। किंतु धान उत्पादक किसानों की सबसे ज्यादा पसंद और उपयोग किए जाने वाली डीएपी खाद बिल्कुल ही उपलब्ध नहीं है। जिससे किसान चिंतित और परेशान है।
डी ए पी खाद की अनुपलब्धता और खाद विक्रेताओ की मनमाफिक कीमत किसानों से लूट की पीड़ा को लेकर सहकारिता प्रकोष्ठ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रिवेंद्र यादव और जनपद पंचायत दुर्ग के उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधि व कृषक दुर्ग कलेक्टर से मिलकर खाद संकट के संबंध में चर्चाकर तत्काल निदान की मांग की।
विदित हो छत्तीसगढ़ सरकार पूरे देश में इकलौता राज्य है जहां धान फसल का समर्थन मूल्य के साथ ही अंतर राशि मिलाकर कुल इकतीस सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से प्रति एकड़ इक्कीस क्विंटल धान उपार्जित करती है और पिछले भूपेश सरकार द्वारा किसानों के लिए लागू की गई योजनाओं से निश्चित ही लाभान्वित हुए है और अन्य फसलों के बजाय धान की खेती में रुझान बढ़ा है। नई तकनीक से खेती कर उत्पादन में इजाफा होने से सरकार के ऊपर धान की खरीदी का रिकॉर्ड साल दर साल टूटता ही जा रहा है।जो सरकार के गले का फांस बनते जा रहा है।
डी ए पी खाद के समस्याओं के निदान के मांग संबंधी ज्ञापन सौंपने वाले रिवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का खोखले दावा करती है। धान का कटोरा के नाम से जाने जाने वाले अन्नदाता के कई चुनावी वादे जुमले साबित हुए है इसी तरह सरकार धान उत्पादकों के लिए अति जरूरी खाद डी ए पी के लिए स्पष्ट रूप से कोई योजना है और नहीं नीति है।कृषि मंत्री खाद को लेकर कुछ बोल रहे है मुख्यमंत्री जी सु शासन तिहार में कुछ बोल रहे है।कुल मिलाकर सरकार की मंशा कुछ और तो नहीं है आम किसान पिछले भूपेश सरकार और वर्तमान सरकार के कार्यों को तुलना करने लगे है और साय सरकार के प्रति धारणा ,मोदी की गारंटी ,डबल इंजन सब फिसड्डी साबित होने लगा है।
जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार कठपुतली सरकार है। गांव, गरीब,किसान ,बेरोजगार, मजदूर ,महिलाओं की सुन ही नहीं रहा है।किसानो के जायज मांगों को लेकर सदैव आवाज उठाते रहेंगे। खाद बीज की समस्याओं के निराकार नहीं होने की स्थिति में सड़क की लड़ाई पूरे दमखम के साथ लड़ा जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालो में प्रमुख रूप से जनपद सदस्य प्यारी बाई निषाद, जनपद सदस्य लीलावती देशमुख,पूर्व सभापति रूपेश देशमुख, लोकेश बंजारे ,कैलाश सिन्हा आदि उपस्थित रहे।”



