नींबू कांड पर फूटा जन आक्रोश, पूर्व जनपद सदस्य ने पूछे तीखे सवाल
संपादक -- एम डी युसुफ खान -- दुर्ग ग्रामीण Ⓜ️ 9179799491

अंडा। प्रदेश में इन दिनों अंधविश्वास और प्रशासनिक चुप्पी का अजीब संगम देखने को मिल रहा है। बालोद जिले के डौंडीलोहारा में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी करने के कार्यक्रम के दौरान कांकेर सांसद भोजराज नाग ने मंच से दावा किया था रात 12 बजे सीएम का प्रोटोकॉल आया, मौसम खराब था, मैंने बूढ़ादेव, महादेव से प्रार्थना करके नींबू काटा और पानी को रोक दिया। कार्यक्रम सफल हो गया है, अब पानी को गिरना है तो गिरे।”
मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत अन्य नेता भी यह सुनकर हंसी नहीं रोक पाए थे।
इसी बयान पर अब जन आक्रोश फूट पड़ा है।
पूर्व जनपद सदस्य रुपेश देशमुख ने तीखा तंज कसते हुए कहा, _”अगर नींबू काटने से बारिश रुक सकती है, तो क्या महंगाई और बिजली के बढ़ते बिलों को कम करने के लिए भी नींबू काटा जाएगा? और जब किसानों को खेतों में पानी की जरूरत पड़ेगी, तो क्या नींबू काटकर बारिश कराई जाएगी?”_
देशमुख ने कहा कि एक तरफ किसान, गांव में मवेशी चराई के कारण जूझ रहा है, वहीं महंगाई से आम आदमी की कमर टूटी हुई है, युवा बेरोजगारी से परेशान है, और दूसरी तरफ भाजपा के सांसद टोने-टोटकों में उलझे हैं। यह 21वीं सदी के भारत की तस्वीर नहीं, बल्कि अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाली शर्मनाक घटना है।
इस पर कांग्रेस ने भी भाजपा को घेरा है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा था – “अगर नींबू काटने से बारिश रुक रही है तो महंगाई रोक दें, चीनी 70 रुपये किलो बिक रही है, उसके लिए नींबू काटें, पेट्रोल-डीजल 111 रुपये से ज्यादा है उसे 50 रुपये करने के लिए नींबू काटें।”
ग्रामीणों ने भी इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसी हरकतों से समाज में गलत संदेश जाता है और विज्ञान व तर्क की भावना खत्म होती है।



