हनोदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर श्रीशांत दुबे के खिलाफ कलक्ट्रेट व स्वास्थ विभाग दुर्ग में की गई शिकायत
ड्यूटी का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तकप्रथम पाली में हाजरी लगाकर हमेशा दूसरी पाली लंच के बाद में गायब

दुर्ग। 06/0726 सोमवार
कलेक्टर व सीएमएचओ से की गई शिकायत
दुर्ग:– *दुर्ग ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत हनोदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र* के *डॉक्टर श्री शांत दुबे* पिछले वर्ष से अब तक एक पाली में ड्यूटी कर अपनी दुसरी पाली में हमेशा नदारत रहते है, व कभी कभी तो अपने ड्यूटी न आने का छुट्टी आवेदन देकर दूसरे दिन आकर छुट्टी वाले दिन का उपस्थिति भी हाजरी रजिस्टर में लगाते हैं। इस प्रकार की यह प्रक्रिया इनकी पिछले लगभग एक साल से चली आ रही है, डॉक्टर द्वारा हमेशा से छुट्टी के लिए आवेदन दिया जाता है, और दूसरे दिन आकर हाजरी रजिस्टर में उनके द्वारा हस्ताक्षर किया जाता है, डॉक्टर के इस प्रकार के रवैये से आपातकालीन स्थिति में मरीजो को बहुत सारी समस्या गांव के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हो रही है।
इसकी सूचना जिला कलेक्टर व सी एच एम ओ दुर्ग को भी लिखित में कर दी गई है।
सरकारी अस्पताल हनोदा* में इन दिनों *डॉक्टर श्रीशांत दुबे* अपनी ड्यूटी अपने मनमाने समय मे कर रहे है जहाँ पर वे *पहिली पाली में आकर दुसरी पाली में हमेशा गायब रहते है।* या यह भी कहा जा सकता है, कि उनको अस्पताल के मरीजों के इलाज से कोई मतलब नहीं है।
जब इस प्रकार के समस्या अस्पताल में है, तो सीधी सीधी बात है, अस्पताल में ताला लगा देना चाहिए, जब डॉक्टर समय मे नहीं रहते है, या *डॉक्टर श्री शांत दुबे पर कार्यवाही कर उनको बर्खास्त किया जाना चाहिए।
अस्पताल व्यवस्था पूरी तरह से चरमरार्ई हुई है, व गांव के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समस्या का आलम बना हुआ है।* इस प्रकार के समस्या को देखते हुए ग्रामीण सहित आस पास के युवाओं ने *डॉ श्री शांत दुबे के खिलाफ़ किया शिकायत कलेक्ट्रेट व स्वास्थ्य विभाग को किया गया है, व कार्यवाही करने निवेदन किया गया है।
गांव के आम जनता व कुछ युवाओं के द्वारा *जिला कलेक्टर व स्वास्थ्य विभाग* को *ज्ञापन देकर डॉ श्रीशांत दुबे पर उचित कार्यवाही की मांग प्रशासन से किया गया है।* ताकि भविष्य में किसी प्रकार से अस्पताल में अनहोनी न हो।
ज्ञापन सौपने वाले में विशेष रूप से धनंजय साहू, सोनू साहू, गुलशन शर्मा, सुभम सिंह, भरत साहू, व गांव के जनप्रतिनिधि व अन्य लोग शामिल थे।