नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई: क्या भाजपा के लिए सियासी चुनौती बनेगा यह मामला?
नकटी गांव में बुलडोजर चलाने का फैसला भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से सही साबित होगा, या फिर कांग्रेस इसे आगामी चुनावों तक बड़ा जनमुद्दा बनाने में सफल होगी?

रायपुर। 03 जुलाई 2026
रायपुर जिले के नकटी गांव में 29 जून को प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई किए जाने के बाद यह मामला अब पूरे छत्तीसगढ़ की राजनीति का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर लगातार इसकी चर्चा हो रही है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जबकि प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि उनके साथ अन्याय हुआ और पुनर्वास पर्याप्त नहीं है।
इस कार्रवाई को प्रस्तावित विधायक कॉलोनी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया है और सरकार पर गरीबों के आशियाने उजाड़ने का आरोप लगाया है। वहीं कई प्रभावित परिवारों ने वैकल्पिक आवास की अपर्याप्त व्यवस्था को लेकर भी अपनी पीड़ा व्यक्त की है।
मामले को और अधिक राजनीतिक तूल तब मिला, जब बृजमोहन अग्रवाल का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों ने उनके आश्वासन के बावजूद कार्रवाई की है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद प्रशासनिक कार्रवाई और सरकार की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नकटी गांव में बुलडोजर चलाने का फैसला भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से सही साबित होगा, या फिर कांग्रेस इसे आगामी चुनावों तक बड़ा जनमुद्दा बनाने में सफल होगी? आने वाले दिनों में सरकार की सफाई, पुनर्वास की स्थिति और विपक्ष की रणनीति इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।
