सरस्वती शिशु मंदिर तरीघाट में मनाया गया गुरु पूर्णिमा उत्सव
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर तरीघाट में हर्ष उल्लास के साथ गुरु पूर्णिमा मनाया गए जिसमें गुरु की महत्व हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है भैया बहनों को बताया गया।

गुरु पांच प्रकार के होते हैं
पहले गुरु हमें जन्म देने वाली माता
दूसरा गुरु धरती माता
तीसरा गुरु पिता हमें उंगली पड़कर चलने सीखने वाला
चौथा गुरु हमारे आचार्य शिक्षक ज्ञानार्जन करने वाले
पांचवा गुरु आध्यात्मिक गुरु हमें अध्यात्म एवं हमारे संस्कृति का ज्ञान करने वाला।

पाटन। सर्वप्रथम भारत माता के छायाचित्र एवं परम पवित्र भागवत ध्वज को गुरु का प्रतीक मानकर पूजन अर्चन कर मां सरस्वती की वंदना की गई फिर अतिथियों द्वारा गुरु की महिमा एवं हमारी पौराणिक कथाएं के माध्यम से बच्चों को बताया गया जिसमें भगवान राम कृष्ण ने भी अपने जीवन में गुरु बनाये थे एवं गुरु के बताए हुए रास्ते पर आगे बढ़े। तत्पश्चात समिति के द्वारा विद्यालय के आचार्य को पेन डायरी देकर सम्मानित किया गया एवं भैया बहनों ने भी एक दूसरे को बधाई संदेश देते हुए शुभकामनाएं संप्रेषित किये। इस अवसर पर विद्यालय के संयोजक श्री जयराम सिन्हा जी गांव के सरपंच श्रीमती चंद्रिका साहू जी एवं समिति सदस्य छगनलाल साहू विद्यालय प्रधानाचार्य देवनारायण साहू, पालक गण एवं समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहे।